एआर रहमान ने मंगल रंग गाने पर किया रिएक्ट एआर रहमान ने नितेश तिवारी की आने वाली फिल्म 'रामायण: राइज ऑफ अ लीजेंड' के गाने 'मंगल रंग' पर मिल रही मिली-जुली प्रतिक्रियाओं पर अपनी बात रखी है। फिल्म के संगीत के लिए हंस जिमर के साथ काम कर रहे रहमान ने कहा कि वे अक्सर खुद के सबसे बड़े आलोचक होते हैं और उनका मानना है कि हर रचनात्मक फैसले से हर किसी को खुश करना जरूरी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी संगीत को निखरने में समय लगता है। कई बार कुछ संगीत विचारों पर महीनों तक काम किया जाता है, तब जाकर उन्हें अंतिम रूप दिया जाता है। ' मंगल रंग ' को लेकर सुनने वालों के बीच बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि पौराणिक महाकाव्य से जुड़े इस गाने में कव्वाली जैसा संगीत क्यों इस्तेमाल किया गया है। 'द इंडियन एक्सप्रेस' को दिए एक इंटरव्यू में इस आलोचना का जवाब देते हुए, रहमान ने स्पष्ट किया कि वे जो कुछ भी बनाते हैं, उसे तुरंत ही सही नहीं मान लेते। उन्होंने कहा, 'मैं खुद का पहला आलोचक हूं। ऐसा नहीं है कि मैं जो कुछ भी करता हूं, मुझे वह सब पसंद ही आ जाए।' रहमान ने दिया अचार का उदाहरण यह बताते हुए कि कैसे कुछ रचनाएं समय के साथ अपनी असली क्षमता दिखाती हैं, ऑस्कर विजेता संगीतकार ने एक अनोखी तुलना की, अचार बनाने की प्रक्रिया से। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी आपको मानव-विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) को भी ध्यान में रखना पड़ता है। कभी-कभी, आपको किसी चीज को बस वैसे ही छोड़ देना चाहिए, जैसे कि अचार: कुछ धुनें जितनी पुरानी होती हैं, उतनी ही बेहतर होती जाती हैं।' रहमान ने यह भी कहा कि एक संगीतकार हर बार जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर रचनात्मक फैसले नहीं ले सकता। ‘मंगल रंग’ में शास्त्रीय धुन के साथ पहाड़ी राग अपनी कलात्मक पसंद पर भरोसा रखने की अहमियत समझाते हुए, उन्होंने एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स का हवाला देते हुए कहा, 'अगर आप हर किसी को खुश करना चाहते हैं, तो जाकर आइसक्रीम बेचें।' ‘मंगल रंग’ में फिल्म के मुख्य किरदार नजर आते हैं, जिन्हें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश ने निभाया है। जहां सोशल मीडिया पर इसके संगीत संयोजन (म्यूजिकल अरेंजमेंट) की काफी चर्चा हुई, वहीं इस रचना में कई शास्त्रीय तत्वों का भी समावेश है। रहमान ने इसमें बिलावल राग के शुद्ध स्वरों का इस्तेमाल किया है, जिसे 'मांड' राग (जो पारंपरिक रूप से भजनों और शादी-ब्याह के संगीत से जुड़ा है) के तत्वों के साथ मिलाया है, और साथ ही इसमें पहाड़ी राग की झलक भी दी है। 'रामायणम्' के म्यूजिक पर बात इसका मकसद एक ऐसा म्यूजिकल अरेंजमेंट तैयार करना था, जो पारंपरिक और भक्तिपूर्ण धुनों पर आधारित हो, लेकिन साथ ही इसमें कुछ नयापन भी हो - न कि बस किसी पुराने ढर्रे पर चला जाए। शुरुआत में भले ही इसकी आलोचना हुई, लेकिन रिलीज होने के हफ्ते भर के अंदर ही यह गाना यूट्यूब के ट्रेंडिंग म्यूज़िक चार्ट पर नंबर 1 पर पहुंच गया। इस प्रोजेक्ट की एक और बड़ी खासियत है - रहमान और हंस जिमर की साझेदारी। 'इंटरस्टेलर', 'इनसेप्शन' और 'ग्लैडिएटर' जैसी फिल्मों के लिए संगीत देने वाले जिमर, इस बड़े प्रोजेक्ट में रहमान के साथ जुड़े हैं। 'रामायणम्' में हर चीज पर था दबाव इस म्यूजिक में बहुत सारा काम शामिल है - जैसे गाने, बैकग्राउंड स्कोर, और अलग-अलग भाषाओं व बाजारों के हिसाब से तैयार किए गए कई वर्जन। जिमर के जुड़ने पर रहमान ने कहा कि इससे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा दर्शक वर्ग मिल सकता है। उन्होंने कहा, 'रामायण के साथ उनका नाम जुड़ने से दर्शकों के बीच एक नई उत्सुकता पैदा होगी।' संगीतकार ने इस काम के बड़े पैमाने के बारे में भी बताया कि इसमें कितना ज़्यादा काम करना पड़ा और हर छोटी-बड़ी चीज को एकदम सही रखने का कितना दबाव था। इस फिल्म में स्कोर और गाने हैं, और इसमें लगभग 10 फिल्मों के बराबर काम है। इसमें पांच अलग-अलग भाषाएं और दो वर्जन हैं - एक हॉलीवुड वर्जन और दूसरा भारतीय वर्जन। इसके अलावा, पूरी टीम पर हर एक नोट और हर एक धुन को एकदम सही रखने का भारी दबाव भी था। एआर रहमान 'रामायणम्' की दमदार कास्ट उन्होंने आगे कहा कि संगीत के हर बारीक पहलू पर जो ध्यान दिया गया, वह इस प्रोजेक्ट से जुड़ी बहुत बड़ी उम्मीदों को दिखाता है। उन्होंने कहा, 'तब समझ आता है कि उनके लिए कितना कुछ दांव पर लगा है, इसलिए वे पूरी तरह से आश्वस्त होना चाहते हैं।' रहमान ने देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्शकों को फिल्म के संगीत पर प्रतिक्रिया देते हुए देखने के सुखद अनुभव के बारे में भी बात की। नितेश तिवारी की निर्देशित, 'रामायणम्' में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में और यश रावण के रूप में नजर आएंगे। लेखक के बारे में कनिका सिंह कनिका सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजीटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital content producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की 'एंटरटेनमेंट' (Entertainment) टीम से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल जर्नलिज्म में उनका 7 साल लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम किया है। कनिका ने फरवरी 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 साल में फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, फिल्म रिव्यू, ओपिनियन, रियलिटी शोज और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज जैसे काम किए हैं। इसके अलावा, कनिका ने अपने करियर में हेल्थ, टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल जैसी बीट पर भी काम किया है। बड़ी फिल्मों के ट्रेलर की कॉपी तैयार करना हो, या ट्रेंडिंग खबरों से लेकर ब्रेकिंग पर काम करना हो, कम समय में कॉपी बनाकर पब्लिश करना कनिका की पहली प्राथमिकता रहती है। विशेषज्ञता- फिल्मों को लेकर चल रही हाइप और यूथ पर इसके असर की एनालिसिस कॉपी तैयार करना, वायरल ट्रेंड वाली खबरों पर काम करना, हर फिल्म पर अपने नजरिए से ओपिनियन लिखना, बिग बॉस शो को तीन महीने फॉलो करना और इस पर लगातार यूनिक कॉपी बनाना। पत्रकारिता अनुभव: इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आउटपुट डेस्क और डिजिटल मीडिया में 7 साल से कार्यरत कनिका सिंह ने साल 2018 से VNR Digital media से करियर की शुरुआत की। फिर नवभारत टाइम्स के साथ फ्रीलांसर के तौर पर काम करते हुए बाद में बॉलीवुड शादीज डॉट कॉम में एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए काम किया। इसके बाद नवभारत टाइम्स से फिर से जुड़ने का मौका मिला, जहां करियर की लंबी पारी की शुरुआत हुई। कनिका ने साल 2019 में बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली। इस दौरान, एंकरिंग से लेकर नुक्कड़ नाटक, पपेट्री शो, स्किट परफॉर्मेंस दी और स्किल्ड राइटिंग पर फोकस किया। इसके बाद 2021 में राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कन्युनिकेशन में मास्टर्स किया। 2018 में जर्नलिज्म में सिंघानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। ... और पढ़ें