Pick of The Week: IT दिग्गज इंफोसिस के शेयर में लंबे समय से दबाव में चल रहा है। शेयर अपने पिछले ऊंचे स्तर करीब 2,000 रुपये से फिसलकर 980 से 1,000 रुपये के मजबूत सपोर्ट जोन तक पहुंच गया था। इस स्तर पर शेयर को खरीदारी का सहारा मिला है। प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels Pick of The Week: भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते की धमाकेदार शुरुआत हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट, मजबूत अर्निंग्स समेत हैवीवेट्स में खरीदारी जैसे ट्रिगर्स जोश भर रहे हैं। यही वजह है कि बेंचमार्क इंडेक्स 1-1 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। हालांकि, IT सेक्टर का दिग्गज इंफोसिस लुढ़क गया। लेकिन मीडियम टर्म के नजरिये से शेयर पर एनालिस्ट बुलिश नजर आ रहे। वजह टेक्निकल चार्ट पर दमदार सेटअप है। यही वजह है कि एनालिस्ट ने शेयर पिक ऑफ द वीक बनाया है, जो 3 से 5 महीने में करीब 30 फीसदी तक का रिटर्न दे सकता है। शेयर में लंबे समय से दबाव में चल रहा है। ऐसे में अब रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के डेरिवेटिव एनालिस्ट केतन कौशिक ने कहा कहा कि अगले 3 से 5 महीनों में शेयर के 1,400 से 1,550 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस ट्रेड के लिए निवेशकों को जोखिम सीमित रखने के लिए स्टॉप लॉस लगाने की भी सलाह दी है। इंफोसिस में क्यों बन रहा खरीदारी का मौका? डेरिवेटिव एनालिस्ट के मुताबिक, इंफोसिस के शेयर में लंबे समय से गिरावट देखने को मिली है। शेयर अपने पिछले ऊंचे स्तर करीब 2,000 रुपये से फिसलकर 980 से 1,000 रुपये के मजबूत सपोर्ट जोन तक पहुंच गया था। इस स्तर पर शेयर को खरीदारी का सहारा मिला है। टेक्निकल चार्ट पर 980 से 1,000 रुपये का दायरा लॉन्ग टर्म के लिए अहम सपोर्ट के रूप में उभरा है। इससे संकेत मिलता है कि शेयर में बिकवाली का दबाव कम हो सकता है। Also Read | Stock Market LIVE: क्रूड में गिरावट, RIL में तेजी का जोश, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23300 के पार एनालिस्ट के मुताबिक, शेयर ने अपने 200 महीने के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के आसपास भी मजबूत सपोर्ट लिया है। इस स्तर से मंथली चार्ट पर तेजी का संकेत देने वाली कैंडल बनी है, जो लॉन्ग टर्म के निवेशकों की खरीदारी और शेयर में मांग लौटने का संकेत हो सकता है। डबल बॉटम पैटर्न से मिल रहे रिकवरी के संकेत इंफोसिस के तकनीकी चार्ट पर डबल बॉटम पैटर्न बनने की संभावना दिखाई दे रही है। यह पैटर्न आमतौर पर तब बनता है, जब कोई शेयर गिरावट के बाद दो बार लगभग एक ही निचले स्तर से वापस ऊपर उठता है। इंफोसिस के मामले में 980 से 1,000 रुपये का सपोर्ट जोन और 200 महीने का EMA लगभग एक ही स्तर पर हैं। एनालिस्ट के मुताबिक, इन दोनों तकनीकी संकेतों का एक साथ मिलना शेयर में गिरावट का दौर खत्म होने और रिकवरी शुरू होने की संभावना को मजबूत करता है। इसके अलावा मंथली चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई में भी बुलिश डाइवर्जेंस दिखाई दे रहा है। RSI 35 से 40 के स्तर से ऊपर मुड़ रहा है, जबकि शेयर ने अपने पुराने सपोर्ट को दोबारा टेस्ट किया है। इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली की रफ्तार कमजोर पड़ रही है और खरीदार धीरे-धीरे सक्रिय हो रहे हैं। अगले 3-5 महीनों में कितना बढ़ सकता है शेयर? केतन कौशिक ने इंफोसिस के शेयर में 1,140 से 1,190 रुपये की रेंज में खरीदारी की रणनीति बताई है। उनका पहला टारगेट 1,400 रुपये और दूसरा टारगेट 1,550 रुपये है। अगर शेयर 1,185 रुपये के भाव से 1,400 रुपये तक पहुंचता है, तो निवेशकों को करीब 18 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। वहीं, 1,550 रुपये तक पहुंचने पर संभावित रिटर्न करीब 31 फीसदी होगा। हालांकि, एनालिस्ट ने 980 रुपये के नीचे डेली क्लोजिंग के आधार पर स्टॉप लॉस रखने की सलाह दी है। अगर शेयर इस स्तर के नीचे बंद होता है, तो रिकवरी की मौजूदा संभावना कमजोर पड़ सकती है। (डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज/एक्सपर्ट की है। बिजनेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता। निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने और जरूरत पड़ने पर निवेश सलाहकार की मदद लेने की सलाह दी जाती है।)