ETV Bharat / health इंसुलिन' नाम का हार्मोन, हमारे द्वारा खाए गए भोजन को ग्लूकोज में बदलने और शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा देने के लिए बहुत जरूरी है.... कम उम्र में बच्चों को क्यों होता है टाइप 2 डायबिटीज? जानिए क्या कहता है अध्ययन ( GETTY IMAGES ) By ETV Bharat Health Team Published : November 2, 2026 at 4:15 PM IST 6 Min Read बचपन का असली मतलब हंसने, खेलने और बेफिक्र होकर जीने में है. विकास के इन शुरुआती सालों में, खेल-कूद और मनोरंजन केवल मजे का जरिया नहीं होते, बल्कि ये बच्चे के सर्वांगीण विकास की नींव रखते हैं. हालांकि, आज की जीवनशैली ने बचपन के इस खूबसूरत दौर को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे में डाल दिया है. बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज के बढ़ते मामले इसका स्पष्ट प्रमाण हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज के बढ़ते मामले एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गए हैं. पहले यह समस्या मुख्य रूप से वयस्कों के लिए एक बड़ा खतरा मानी जाती थी, लेकिन अब यह तेजी से बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस रिपोर्ट में, हम विस्तार से जानेंगे कि टाइप 2 डायबिटीज बच्चों में कैसे विकसित होती है, इसके पीछे क्या कारण हैं, और माता-पिता को इसके बारे में क्या जानने की जरूरत है... बच्चों को टाइप 2 डायबिटीज क्यों हो रही है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज स्क्रीन टाइम और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के बढ़ते चलन की वजह से बचपन का असली मजा (खेलना और बेफिक्र जिंदगी जीना) खो रहा है. इस बदलाव का बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है, और टाइप 2 डायबिटीज के मामलों में होती वृद्धि इसका एक चिंताजनक परिणाम है. मॉडर्न लाइफस्टाइल, फिजिकल इनएक्टिविटी, बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम, मोटापा और अनहेल्दी खाने की आदतें इस स्थिति के लिए मुख्य वजहें हैं. स्टडीज से पता चलता है कि 3 से 18 साल के 8.40 परसेंट बच्चे टाइप 2 डायबिटीज से परेशान हैं, जबकि 12.40 परसेंट बच्चे मोटापे से परेशान हैं. बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज किस कारण से होती है? 'इंसुलिन' नामक हार्मोन, हमारे द्वारा खाए गए भोजन को ग्लूकोज में बदलने और शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करने के लिए बहुत जरूरी है. हालांकि, आज के समय में, जंक और प्रोसेस्ड फूड के सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, बढ़ते मोटापे, नींद की समस्याओं और आनुवंशिक कारणों की वजह से बच्चों के शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पातीं या उस पर ठीक से प्रतिक्रिया नहीं दे पातीं. नतीजतन, भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज कोशिकाओं के अंदर नहीं जा पाता और ब्लडस्ट्रीम में ही रह जाता है. इंसुलिन का इस्तेमाल करने की शरीर की क्षमता में आई इसी कमी को बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज का मुख्य कारण माना जाता है. टाइप 2 डायबिटीज के शुरुआती मुख्य संकेत, जिन पर ध्यान देना चाहिए बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत बहुत धीरे-धीरे होती है. हालांकि शुरुआती चरणों में कोई बड़े लक्षण नहीं दिखते, लेकिन ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने पर कुछ ऐसे बदलाव नजर आ सकते हैं जिन्हें पहचाना जा सकता है... बार-बार पेशाब आना: शरीर लगातार खून में मौजूद अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने की कोशिश करता है, जिसकी वजह से बच्चों को बार-बार पेशाब आता है. बहुत ज्यादा प्यास लगना: शरीर से तेजी से पानी कम होने के कारण डिहाइड्रेशन हो जाता है, और बच्चे सामान्य से ज्यादा पानी मांगते हैं. बहुत ज्यादा थकान: चूंकि कोशिकाएं ग्लूकोज को एनर्जी में नहीं बदल पातीं, इसलिए शरीर पूरी तरह थक जाता है और बच्चे सुस्त लग सकते हैंय धुंधला दिखना: ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव का असर आंखों के लेंस पर पड़ता है, जिससे धुंधला दिखाई देने लगता है. स्किन का काला पड़ना: 'एकेन्थोसिस निग्रिकन्स' (Acanthosis nigricans) त्वचा की एक ऐसी स्थिति है जो इंसुलिन के ठीक से काम न करने के कारण होती है. इसमें गर्दन, बगल और जांघों की त्वचा मोटी और काली हो जाती है. अचानक वजन कम होना: बिना किसी डाइट कंट्रोल या बदलाव के अचानक वजन कम हो जाना. घाव भरने में देरी: ब्लड शुगर लेवल ज्यादा होने के कारण, छोटे-मोटे कट या घाव को ठीक होने में बहुत लंबा समय लगता है. टाइप 2 डायबिटीज होने का सबसे ज्यादा खतरा किसे होता है? उन बच्चों में यह खतरा ज्यादा होता है जिनका वजन गलत खान-पान की वजह से बढ़ जाता है, खासकर उन बच्चों में जिनके पेट के आस-पास चर्बी जमा हो जाती है दिन भर एक ही जगह बैठे रहना, यानी शारीरिक खेल-कूद से दूर रहकर डिजिटल स्क्रीन पर समय बिताना, इस खतरे को और बढ़ा देता है. फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा चीनी वाले स्नैक्स का सेवन करना. अगर माता-पिता या परिवार के नजदीकी सदस्यों को टाइप 2 डायबिटीज है, तो बच्चों को भी इसके होने की संभावना ज्यादा होती है। जो बच्चे समय से पहले पैदा होते हैं या जिनका जन्म के समय वजन कम होता है, उन्हें भी आगे चलकर यह समस्या हो सकती है. For All Latest Updates